Showing posts with label लोकपाल. Show all posts
Showing posts with label लोकपाल. Show all posts

Saturday, August 27, 2011

लोकपाल पर भ्रमित कर रही है कांग्रेस


लोकपाल पर भ्रमित कर रही है कांग्रेस

लोकपाल विधेयक पर कांग्रेस पार्टी देश को भ्रमित कर रही है। निजी क्षेत्र और स्वैच्छिक संगठनों में सरकारी धन का उपयोग नहीं होता है। उनके कार्य राष्ट्र विरोधी हो अथवा काले धन का उपयोग हो तो, उसके लिए पहले से ही कई विधियां बनी हुई है।

लोकपाल सार्वजनिक जीवन में व्याप्त भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने की संस्था है। कांग्रेस एक तरफ तो नौकरशाही के सभी स्तरों को, केन्द्रीय जांच ब्युरों और प्रधानमंत्री को लोकपाल संस्था के क्षेत्राधिकार में लाने को मना रही है, दूसरी और निजी क्षेत्र और स्वैच्छिक संगठनों की बात कर भ्रष्टाचार पर देश को भ्रमित कर रही है। 

1968 से देश में केन्द्रीय स्तर पर लोकपाल विधेयक पर चर्चा हो रही है। आज तक इसके 9 प्रारुप संसद में रखे जा चुके है। किसी कानुन को बनाने में 42 वर्ष का समय कम नहीं होता है।

सभी विभागों में नागरिक संहिता का निर्माण अत्यावश्यक है, इससे जनता को समय पर काम होने का लाभ मिलेगा। सरकारी कर्मचारियों में समयबद्धता और उत्तरदायित्व की भावना बढ़ेगी।

Monday, April 4, 2011

भ्रष्टाचार के विरुद्ध केन्द्र में इच्छाशक्ति का अभाव


भ्रष्टाचार के विरुद्ध केन्द्र में इच्छाशक्ति का अभाव

केन्द्र सरकार को वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता श्री अन्ना हजारे द्वारा 5 अप्रैल, 2011 से भ्रष्टाचार के विरुद्ध शुरू की जा रही अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल को गंभीरता से लेने चाहिए। भ्रष्टाचार के विरुद्ध श्री अन्ना हजारे का संघर्ष जन साधारण की भावनाओं की मुखर अभिव्यक्ति है।

भ्रष्टाचार और भ्रष्ट के विरुद्ध केन्द्र सरकार में सशक्त राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी के लिए कांग्रेस पार्टी दोषी है। आज जनता भ्रष्टाचार और भ्रष्ट के विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई चाहती हैं. भ्रष्टाचार हमारी अर्थव्यवस्था को खोखला कर रहा है। घोटाले के बाद घोटाले के वर्तमान परिदृश्यों से शासन व्यवस्था में जन विश्वास समाप्त होता जा रहा है। भारत की विश्व में साख रसातल में जा रही है। अन्ना हजारे जैसे लोगों की प्रतिक्रिया आम आदमी की मौजूदा स्थिति पर गहरे दर्द और पीड़ा को दर्शाता है। वर्तमान व्यवस्था भ्रष्टाचार पर अंकुश लगानें में समर्थ नहीं है। .

जन लोकपाल विधेयक भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रभावी और विश्वसनीय प्रतिरोध के लिए आवश्यक है। लोकपाल की तरह एक शक्तिशाली संस्था भ्रष्टाचार के विरुद्ध सामान्य जन को संघर्ष का मंच उपलब्ध करवाती है।

जन लोकपाल विधेयक को शीघ्र पारित करवाना समय की मांग है।