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Friday, January 18, 2013

देश की नहीं, वोटों की चिंता है कांग्रेस को


देश की नहीं, वोटों की चिंता है कांग्रेस को

जयपुर शिविर में कांग्रेस पार्टी सत्ता खोने के भय से चिंतित दिख रही है। कांग्रेस नें पेट्रोल, डीजल, रेल किराया, खाद्य तेलों और रसोई गेस के मूल्य बढ़ा कर जनता की कमर तोड़ दी है। शान्त प्रदर्शनकारियों पर निर्मम बल प्रयोग कर वह जनता से दूर हो चुकी है। कांग्रेस को देश की नहीं वोटों की चिन्ता है। सामान्य नागरिकों का शोषण कांग्रेस की संस्कृति बन गई है।

कांग्रेस नें राजस्थान की सतत उपेक्षा की है। राज्य को जल संकट दुर करने में विशेष सहायता, तेल शोधन संयत्र, रेल पथों का आमान परिवर्तन, उदयपुर में उच्च न्यायालय की खण्डपीठ, केन्द्रीय औद्योगिक परियोजनाएं की स्थापना एवं राज्य की अन्य आवश्यकताओं की सतत उपेक्षा की गई है।

देश में पाकिस्तान के प्रति भारत सरकार के कायरता पूर्ण व्यवहार पर भारी रोष है। पाकिस्तान नें भारतीय जवानों की बर्बरता पूर्ण हत्या, मु्म्बई पर आतंकी हमला और देश में नकली मुद्रा चलाने पर अभी तक कोई सार्थक कदम नहीं उठाया है। कांग्रेस पाकिस्तानी नेताओं से वार्ता के लिए उतावली क्यों है? चिंतन शिविर में देश को इन प्रश्नों का उत्तर चाहिए।

Tuesday, July 12, 2011

केन्द्र सरकार की विश्वसनीयता शुन्य

जुलाई 12, 2011

केन्द्र सरकार की विश्वसनीयता शुन्य

केन्द्रीय सरकार और कांग्रेस गठबंधन की जनता में विश्वसनीयता शुन्य स्तर पर पहुँच गई है। केन्द्रीय मंत्रीमंडल से दागी और अक्षम मंत्रियों को हटानें में प्रधानमंत्री असमर्थ दिखे। सरकार में महंगाई और भ्रष्टाचार को नियंत्रित करने की दूरदृष्टी का अभाव स्पष्ट दिख रहा है।

विगत 7 वर्षों से महंगाई पर नियंत्रण के कोई प्रयास संप्रग सरकार नें नहीं किए हैं। खाद्यान्नों, सब्जियों, कपड़ो, औषधियों, सहीत आम उपभोग की सभी वस्तुओं के मूल्यों में भारी वृद्धि के कारण साधारण नागरिकों का जीवनयापन अत्याधिक कठिन होता जा रहा है।

दुःख की बात तो यह है कि सत्तारूढ़ नेता मंहगाई पर नियंत्रण के प्रश्नों को टालते दिखते हैं। उनके पास नहीं तो इच्छाशक्ति दिखती है, नहीं कोई ठोस नीति।

सरकारी नीतियों पर विभिन्न कंपनी समुहों का प्रभाव स्पष्ट दिखता है। आम जनता की भलाई गौण हो चुकी है। सरकार का सारा प्रयास और समय भ्रष्टाचार में संलिप्त सहयोगियों को बचानें में ही लग रहा है। सरकार विधिक कार्रवाई करने के पहले उन्हें बचाव के रास्ते ढुंढने का पर्याप्त समय देती है।

यह सरकार जनता में अपनी मर्यादा और प्रभाव को खो चुकी है। कांग्रेस तुष्टीकरण को सत्ता बचाने का एकमात्र विकल्प मान कर नीतियाँ बना रही है। प्रधानमंत्री सत्ता में बने रहने के लिए कोई भी समझौता करने को तत्पर रहते हैं। देश की सर्वाधिक भ्रष्ट सरकार नें सुरक्षा को ही खतरें में डाल दिया है।