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Saturday, January 19, 2013

Rape & Murder of 7 year Girl at Kankroli in Rajsamand



मासुम बालिका की दुष्कर्म के बाद निर्मम हत्या
(समाचार पत्रों में प्रकाशित समाचारों पर आधारित)
राजसमंद। यहां हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र में गुरूवार रात एक युवक ने आठ वर्षीय नाबालिग का अपहरण कर पहले दुष्कर्म किया और बाद में निर्मम हत्या कर दी। पुलिस ने रात भर की दौड़ भाग के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर शुक्रवार तड़के शव बरामद किया।
वारदात के बाद शहर में आक्रोश बढ़ गया। गुस्साए लोगों ने बाजार बंद करवा दिया। भाजपा की राष्ट्रीय महासचिव एवं विधायक किरण माहेश्वरी की नेतृत्व में जलचक्की चौराहे पर शव के साथ चार घंटे तक प्रदर्शन किया। सूचना पर जिला कलक्टर प्रीतम बी. यशवंत व पुलिस अधीक्षक राहुल कोटोकी मौके पर पहुंचे। उन्होंने सार्वजनिक तौर पर आरोपी को सख्त सजा दिलाने का आश्वासन दिया। पुलिस ने बताया कि राजकीय आरके अस्पताल के बाहर सब्जी बेचने वाले ठेला व्यवसायी की आठ वर्षीय पुत्री को गुरूवार शाम एक युवक बहला-फुसलाकर मोटर साइकिल पर बैठाकर ले गया।

काफी देर तक बच्ची नहीं लौटी तो उसके नाना व परिजनों ने रात साढ़े आठ बजे कांकरोली थाने में सूचना दी। बताया कि बच्ची मानसिक रूप से थोड़ी कमजोर है। पुलिस तत्काल हरकत में आई और तलाश शुरू की। परिजनों के बताए हुलिए के आधार पर रात बारह बजे पुलिस ने कमल तलाई से आरोपी युवक को पकड़ लिया। गहनता से पूछताछ की तो उसने बताया कि वह 50 फीट चौराहे के निकट बच्ची को छोड़ आया। पुलिस वहां पहुंची तो उसका शव मिला। हालात दुष्कर्म किए जाने के प्रमाण दे रहे थे। पुलिस ने तत्काल आरोपी गोरखपुर हाल कांकरोली निवासी मनोज प्रताप पुत्र सुरेन्द्र सिंह (28) गिरफ्तार किया। उसने वारदात को करना स्वीकारा कि हत्या से पूर्व उसने मासूम के साथ दुष्कर्म किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसकी पुष्टि होने के बाद पुलिस ने धारा 376 व 302 में मामला दर्ज किया।
राजसमंद की घटना का आरोपी मनोज जिला अस्पताल (आरके हॉस्पिटल) के पास से लड़की को चॉकलेट का लालच देकर ले गया और दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर दी। वह इससे पहले चोरी के आरोप में गिरफ्तार हो चुका है। उसे हाल ही में जमानत मिली थी।
घटना का पता चलते ही जिला मुख्यालय पर सैकड़ों लोग सड़क पर उतर आए। मुर्दाघर से लेकर पूरे शहर में प्रदर्शन होते रहे और बाजार बंद रहा।

स्वेच्छा से रहे बाजार बंद
किरण माहेश्वरी नें घटना की विभिस्तता को देखते हुए व्यापार संघ से स्वेच्छा सो बाजार बंद करने का अनुरोध किया। इस पर सभी व्यापारियों नें बाजार बंद रखा एवं प्रदर्शन में सम्मिलित हुए। सभी समाजो के सदस्यों नें प्रदर्शन मे भाग लेकर कहा कि वो सर्व समाज की बेटी थी।

बच्ची के सिर, मुंह पर थी 20 चोटें
पुलिस के मुताबिक आरोपी गुरुवार शाम साढ़े छह बजे मोटरसाइकिल लेकर आरके अस्पताल पहुंचा। यहां बालिका का परिवार सब्जी का ठेला लगाता है। आरोपी ने बालिका को चॉकलेट और कुरकुरे दिए और थोड़ी देर में वापस आया। बालिका को अकेली पाकर चॉकलेट दिलाने के बहाने मोटरसाइकिल पर बैठाने के लिए राजी कर लिया। वहां से धोइंदा के पास सालमपुरा गया और बीयर खरीदी। कच्चे रास्ते से होकर हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के पास श्मशान भूमि के पास सुनसान जगह पर ले जाकर दुष्कर्म किया। वहीं उसके ऊपर पत्थर पटक-पटक कर मार डाला। बालिका के सिर, मुंह, कमर, हाथ, पैर सहित पूरे शरीर पर 20 से अधिक चोटें थीं। इसके बाद नग्न अवस्था में बालिका को अपने जैकेट में लपेट कर 50 फीट रोड के पास कमल तलाई पुलिया पर आया और शव को फेंक दिया।

लिखित आश्वासन पर माने
किरण माहेश्वरी ने मौखिक बयान को नकार दिया। राज्य सरकार से लिखित में जवाब देने की मांग पर सब अड़ गए। कलक्टर ने गृह मंत्रालय के प्रमुख शासन सचिव को विस्तृत रिपोर्ट सहित पत्र भेजा। वहां से इस बारे में लिखित में आश्वासन आने के बाद शाम करीब पौने पांच बजे मामला शांत हुआ। इसके बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया। किरण नें शव परीक्षा के प्रतिवेदन को भी विधि विशेषज्ञों द्वारा अनुमोदित करवाया। ताकि बाद में आरोपी तकनीकी कमी के कारण बच नहीं जाए।

पांच लाख की आर्थिक सहायता
किरण नें परिजनों को तत्काल आर्थिक सहायता देने की मांग की। जिला कलक्टर ने नगरवासियों में उत्पन्न आक्रोश की सुचना गृह सचिव को दी। त्वरित न्यायालय में वाद चलाने और तुरंत आर्थिक सहायता के बिना किरण के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों नें शवदाह करने से इंकार कर दिया। तब राज्य सरकार नें 5 लाख रु. की सहायता का चैक तुरंत देने और त्वरित न्यायालय में वाद चलाने का लिखित में पत्र दिया।



किया उग्र प्रदर्शन
दोपहर करीब एक बजे भाजपा की राष्ट्रीय महासचिव व राजसमंद विधायक किरण माहेश्वरी के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ताओं व शहरवासियों ने शव के साथ जलचक्की चौराहे पर उग्र प्रदर्शन किया। उनकी मांग थी कि मामले की सुनवाई फास्ट्रेक कोर्ट में हो और परिजनों को उचित मुआवजा दिलाया जाए। इसी दौरान सभापति आशा पालीवाल, कांग्रेस उपाध्यक्ष प्रदीप पालीवाल, जिला कांग्रेस सचिव भगवतसिंह गुर्जर, पार्षद रवि गर्ग भी मौके पर पहुंचे। सभी सैकड़ों लोगों के साथ सड़क पर बैठ गए। घटना की गंभीरता को देख पुलिस प्रशासन सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल वहां पहंुचा। काफी समझाइश के बाद भी लोग मांगों पर अड़ रहे तो जिला कलक्टर प्रीतम बी. यशवंत एवं पुलिस अधीक्षक राहुल कोटोकी वहां आए। कलक्टर ने सार्वजनिक कहा कि मामले में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। दोषी को जल्द सख्त सजा मिले ऎसे प्रयास होंगे।


30 दिनों में दो सजा


किरण माहेश्वरी नें पुलीस अधीक्षक और जिला कलक्टर से आरोपी को 30 दिनों में सजा दिलवाने की मांग की। सजा में विलम्ब हुआ तो फिर भारी प्रदर्शन किया जाएगा।

Monday, December 24, 2012

सरकार का दमनकारी चेहरा आया सामने


सरकार का दमनकारी चेहरा आया सामने

दिल्ली में सरकार का तानाशाही चेहरा प्रकट हो गया है। शांति के नाम पर निर्दोष प्रदर्शनकारियों, समाचार कर्मियों एवं महिलाओं को जम कर पीटा गया। कड़कड़ाती सर्दी में ठण्डे पानी की तेज बौछारें की गई। अश्रुगेस के गोले दागे गए।

सरकार नें ठुकराए भाजपा के सुझाव
भाजपा के सरकार को विशेष सत्र बुला कर यौन दुष्कर्म के गंभीर अपराधों में मृत्युदण्ड का प्रावधान करने, राजधानी में जन विश्वास जागृत करने के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने और पुलिस व्यवस्था में संयम रखने के सझावों को केन्द्र सरकार ने ठुकरा दिया है। भाजपा राष्ट्रपति से मिल कर जन आक्रोश पर विशेष सत्र की मांग करेगी।

जनता की आवाज कुचली जा रही है
काग्रेंस नीत केन्द्र सरकार जनता की आवाज दबाने का कुप्रयास कर रही है। गृहमंत्री छात्रों की तुलना माओवादियों से कर रहे है। जनता के प्रदर्शन करने के अधिकार कुचले जा रहे है। सरकार नें मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए है। आवागमन बाधित कर दिया गया है। बाबा रामदेव और अन्ना हजारे के आंदोलनों को भी इस प्रकार कुचला गया था। आधी रात को सोए हुए निर्दोष नागरिकों की बर्बर पिटाई की गई थी।

प्रधानमंत्री की कथनी और करनी में अतंर
प्रधानमंत्री ने अपना संदेश देने में 7 से अधिक दिन लगाए। प्रधानमंत्री कह रहे हैं कि वे दुःखी है। जन आक्रोश को सही मानते है। तो फिर जनता पर लाठियाँ क्यों भांजी गई। दिल्ली पुलिस के दोषी अधिकारियों पर कोई कारवाई क्यों नहीं की जा रही है। हिंसा का ताण्डव पुलिस ने ही प्रारम्भ किया था।

अपराध न्याय व्यवस्था में हो त्वरित सुधार
सरकार देश की अपराध न्याय व्यवस्था में त्वरित सुधार करें। अपराधियों में विधि का भय ही समाप्त हो गया है। अनुसंधान में कमी, न्यायालयों में विलम्ब और पीड़ित पक्ष की उपेक्षा के कारण अपराधों में भारी वृद्दि हो रही है। अपराधिक न्याय व्यवस्था में समग्र सुधार का समय निकलता जा रहा है।