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Sunday, March 30, 2014

नववर्ष पर मंगलकामना

नववर्ष पर मंगलकामना

नववर्ष आपके जीवन में शुभ, लाभ, यश एवं आनंद की वृद्धि करें, ईश्वर से यही विनती है।


शालिवाहन नें चेतना शून्य, पौरुषहीन एवं कायर जनमानस में आत्म विश्वास, पराक्रम और स्वाभिमान की भावना का संचार कर मानों मिट्टी के पूतलों को सजीव बना दिया। और इस सजीव जनशक्ति के बल पर आसुरी सेना को पराजित कर देव शक्तियों की प्रतिष्ठा की। इस प्रकार शालीवाहन संवत का प्रारम्भ हुआ।


वीर विक्रमादित्य नें अतुलित बल, अपरिमित ऐश्वर्य और अतुलनीय न्याय व्यवस्था के साथ भारत की विजय पताका फहराई। इस स्मृति में विक्रम संवत प्रारम्भ हुआ। 

आज के पावन दिवस पर ही भगवान राम नें बाली की आसुरी राज व्यवस्था को परास्त कर सुग्रीव की जनहितकारी व्यवस्था स्थापित की। इसीलिए आज के दिन घर घर में गुड़ियाँ (विजय पताकाएं) फहराने की प्रथा प्रारम्भ हुई।

यह उत्सव मृत मानव चेतना को पुनर्जीवित कर प्रभुकार्य में नियोजित करने के संकल्प का पर्व है। आज देश को पुनः गौरव के सिंहासन पर बैठाने के लिए राष्ट्रवादी शक्तियों को सशक्त बनाने की आवश्यकता है।

आइये, हम संकल्प लें कि नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सशक्त भारत समृद भारत का सपना साकार करने के लिए भाजपा को विजयी बनायेंगे।

पुनः आप पर ईश्वर की अनुकम्पा बनी रहें और आप कर्तव्य पालना में सक्षम बनें रहे, यही मंगलकामना है।

Saturday, February 1, 2014

देश में चल रही मोदी की आंधी; भाजपा जितेगी 300 से अधिक स्थान

देश में चल रही मोदी की आंधी; भाजपा जितेगी 300 से अधिक स्थान

कांग्रेस नेताओं में राहुल गांधी के टीवी साक्षात्कार के बाद भारी निराशा छा गई है। 25 कांग्रेसी सांसदों एवं एक केन्द्रीय मंत्री के अनुसार इस साक्षात्कार से कांग्रेस को 10 से अधिक सीटों की हानि हुई है। कांग्रेस का विज्ञापन अभियान भी नये विवादों में गिरता जा रहा है। कांग्रेस की युवा प्रचारक पर भ्रष्टाचार के आरोपों और उसके कांग्रेस संगठन की पदाधिकारी होने के समाचारों से पार्टी का अभियान पटरी से उतर गया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस के नेताओं के वक्तव्यों नें रही सही कमी पूरी कर दी।

उत्तरप्रदेश में विगत 15 वर्षों से अराजकता, जातीय संघर्ष और वोटबैंक की राजनीति के कारण विकास पूर्ण अवरुद्ध हो गया है। आज सारा उत्तरप्रदेश मोदी के नेतृत्व में आशा की नई किरण देख रहा है। वहाँ भाजपा के मत 11 प्रतिशत से बढ़ कर 40 प्रतिशत होने की पुरी संभावना है। चतुष्कोणीय संघर्ष में यह मत प्रतिशत राजस्थान और मध्यप्रदेश के समान भाजपा की झोली भर देगा। उत्तर प्रदेश में नरेन्द्र भाई मोदी की रैलियों को मिल रहा अपार जन समर्थन आने वाले कल का संकेत है।

मोदी के रथ को रोकने के लिए कांग्रेस आम आदमी पार्टी को भरपुर सहायता देगी। विरोधी मतों को बांटने की उसकी यह सनातन चाल रही है। किन्तु जनता परिपक्व है। मोदी सतत अभियान चला कर जनता के साथ सीधा संवाद कर रहे हैं। आम आदमी पार्टी विदेशी शक्तियों के भारत में अराजकता फैलाकर दुर्बल बनाने की कार्यसूची पर ही चल रही है। इससे कांग्रेस एवं तथाकथित धर्म निरपेक्ष समूह का स्वार्थ पुरा होता है।

आज पुरा भारत नरेन्द्र मोदी में विकास की असीम संभावनाएं देख रहा है। उन्हौंने अपनी उपलब्धियों एवं कार्यों से देश के सामनें एक नया प्रादर्श रखा है। सुषमा स्वराज, अरुण जेटली, वैंकया नायडु एवं पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह सहित सभी वरिष्ठ नेता भाजपा के अभियान को तीक्ष्ण धार दे रहे हैं। आडवाणी के अनुभव एवं कौशल का भी पुरा लाभ पार्टी को मिल रहा है। जनता कांग्रेस के भ्रष्टाचार, महंगाई और कुशासन से बुरी तरह त्रस्त है। वह अन्य दलों की अराजकता, जातीवादी राजनीति एवं विकास की उपेक्षा से खिन्न है।


नरेन्द्र मोदी में देश को नये क्षितिज पर ले जाने की दुरदृष्टि और आत्मविश्वास है। देश की जनता लोकसभा चुनावों में राजनीतिक दलों को कड़ा सबक सिखायेगी ।जनमानस में प्रतिदिन मोदी का आकर्षण बढ़ता जा रहा है। विकास, सुशासन, सुरक्षा एवं दृढ़ता जनता की आकांक्षा बन गई है। मोदी का अभियान मानों जनता नें अपने हाथों में ले लिया है।

Friday, July 5, 2013

भाजपा शासित राज्यों में पहले से ही है खाद्य सुरक्षा

भाजपा शासित राज्यों में पहले से ही है खाद्य सुरक्षा

कांग्रेस खाद्य सुरक्षा अध्यादेश के बहाने जनता को भ्रमित करने का कुप्रयास कर रही है। भाजपा शासित राज्यों में निर्धन परिवारों को 4 वर्ष पूर्व से ही 2रु. किलो गेहूँ दिया जा रहा है। न तो इसके लिए किसी कानून की आवश्यकता पड़ी, नहीं किसी भारी भरकम प्रचार अभियान की। गुजरात और मध्यप्रदेश में तो निर्धन परिवारों को केन्द्रीय अध्यादेश से अधिक सहायता दी जा रही है। भाजपा की नीति जनता को सस्ते खाद्यान्न के साथ ही किसानों को भी लाभदायी मूल्य दिलवाने की है।
अध्यादेश में किसानों को लाभदायी मूल्यों का कोई प्रावधान नहीं है। निर्धन परिवारों को खाद्यान्न के साथ ही दालें भी अनुदानित दरों पर दी जानी चाहिए। कुपोषण एवं भुखमरी के निदान के लिए यह आवश्यक है। शहरों में ऐसे भोजनाल.यों की व्यवस्था होनी चाहिए, जहाँ पर कम दरों पर गुणवत्तायुक्त खाना मिलें। कांग्रेस की नीयत में खोट साफ दिख रही है। 9 वर्षों तक कुम्भकर्णी नींद सोने के बाद अब चुनाव सामने देख कर हड़बड़ी में अध्यादेश लाया गया है। पर इससे निर्धन , मजदूर और किसान को कोई अतिरिक्त लाभ नहीं मिलने वाला है।

केन्द्र सरकार वितरण प्रणाली में भ्रष्टाचार को दूर करने कि दिशा में तो सोच भी नहीं रही है। वितरण व्यवस्था में गड़बड़ी के कारण निर्धनों को पर्याप्त राहत नहीं मिल पाती है।

Saturday, March 16, 2013

देहिक संबंधो की आयु सीमा घटाने से बढ़ेगी अराजकता



देहिक संबंधो की आयु सीमा घटाने से बढ़ेगी अराजकता
सहमति से यौन संबंधो की आयु सीमा घटा कर 16 वर्ष करने से देश की जनता में भारी रोष है। इससे सामाजिक अराजकता उत्पन्न हो जाएगी। इससे महिलाओं के विरुद्ध अपराधों में भारी वृद्धि होगी। यह बच्चों के जीवन से जुड़ा गंभीर विषय है। विवाह संबंधों की आयु 21 और 18 वर्ष किन्तु देहिक संबंधों की आयु 16 वर्ष करना, यह सही नहीं है। क्या सरकार विवाह से अधिक संबंधों को प्राथमिकता देती है। अविवाहित बच्चियों के संतान होने पर होने वाली समस्याओं के प्रति आंखें बंद नहीं की जा सकती है। बच्चियों के साथ दुष्कर्म करने वाले सहमति को अपने बचाव का शस्त्र बना लेंगे। इससे लड़कियों की शिक्षा और रोजगार की समस्याएं बढ़ जाएगी। लड़कियों को विद्यालय में भेजने के प्रति समाज में वातावरण पर दुष्प्रभाव पड़ेगा। 18 वर्ष तक के व्यक्तियों को किशोर मान कर गंभीर अपराधों में भी सजा में छूट का विशेष कानून है। आयु सीमा घटाने से विधि व्यवस्था बनाए रखने की समस्य़ाएं भी बढ़ेगी।

Saturday, February 9, 2013

जन दबाव ने विवश किया सरकार को


जन दबाव ने विवश किया सरकार को




संसद पर हमले के अपराधी को मृत्यु दण्ड देना देर से उठाया गया एक उचित कदम है। भारी जन दबाव से विवश सरकार ने अंतत: एक सही निर्णय लिया। कांग्रेस पार्टी मृत्युदण्ड देने में हुए भारी विलम्ब के प्रश्नों से बच नहीं सकती।

गृहमंत्री शिंदे हिन्दू एवं भगवा आतंकवाद और भाजपा व संघ पर आंतकवाद के प्रशिक्षण शिविर चलाने के मिथ्या आरोपों के अपराध से मुक्त नहीं हो सकते है। कांग्रेस पार्टी स्वतंत्रता के बाद से ही आतंकवाद पर राजनीति करती आ रही है। मृत्युदण्ड देने में भारी विलम्ब को विधि प्रक्रिया एवं लोकतंत्र का भाग बताना एक मिथ्या बहाना है। यह तुष्टीकरण के अपराध बोध को दर्शाता है।

आतंकवाद पर त्वरित, प्रभावी एवं शून्य उपेक्षा की नीति राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अत्यावश्यक है।

Tuesday, January 22, 2013

कांग्रेस की है विकृत सोच और देश विरोधी आचरण



कांग्रेस की है विकृत सोच और देश विरोधी आचरण

कांग्रेस पार्टी विकृत सोच एवं राष्ट्र विरोधी आचरण की पहचान बन गई है। हिन्दू धर्म और भगवा के अपमान से कांग्रेस सत्ता का समर जीतने की रणनीति पर चल रही है। इसके चिंतन शिविर में निर्धनों, मजदूरो और किसानों के कल्याण पर कोई चर्चा नहीं हुई है।

देश हिन्दू और भगवा का अपमान नहीं सहन करेगा। भाजपा 24 अथवा 25 जनवरी को देश के सभी जिला मुख्यालयो पर उपवास, धरना और प्रदर्शन कर आतंकवादियों का सम्मान और भगवा का अपमान की आत्मघाती नीति के विरुद्ध आक्रोश व्यक्त करने का आव्हान करती है। मैं स्वयं 24 जनवरी को जयपुर में धरने में सम्मिलित रहुंगी।

गृह मंत्री शिंदे और कांग्रेसी नेता पाकिस्तानी आतंकवादियों में बहुत ही लोकप्रिय हो गए हैं। वहाँ आतंकवाद के प्रति संघर्ष को दुर्बल बनाने के लिए इनके प्रति आभार व्यक्त किया जा रहा है। गृहमंत्री में यदि साहस हो तो वे भाजपा और संघ के विरुद्ध विधिक कार्यवाही करके दिखाए। देश के गृहमंत्री का कार्य तथ्यहीन आरोप लगाना नहीं होता है। उसे तो आतंकवाद का प्रशिक्षण दे रहे तत्वों के विरुद्ध कार्यवाही करनी चाहिए।

गृहमंत्री और अन्य कांग्रेसी नेताओं के हिन्दू एवं भगवा आतंकवाद के वक्तव्य राष्ट्र द्रोह के समान है। विकिलिक्स नें दावा किया है कि सबसे पहले राहुल गांधी नें भगवा आतंकवाद की चर्चा अमेरिकी राजदूत से की थी। अब कांग्रेसी नेताओं में होड़ मची हुई है इस बात पर बढ़ चढ़ कर बोलने और स्वामी भक्ति दर्शाने की।

Tuesday, December 25, 2012


एकल गेज और नदियों को जोड़ने को दें प्राथमिकता
देश के दीर्घकालीन विकास का आधार सुदृढ़ संरचना एवं परिवहन व्यवस्था ही है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी नें इस क्षेत्र में पहल की थी। उन्होंने षट्पथी एवं चतुष्पथी सड़को का जाल देश में बिछाया। रेल संरचना में तिव्र गति से वृद्धि की। देश की सभी नदियों को परस्पर जोड़ने की महत्वाकांक्षी योजना बनाई।

देश को अकाल, बाढ़ एवं पेयजल संकट से मुक्त करने का उपाय सभी नदियों को परस्पर जोड़ना ही है। भारत पाकिस्तान जल समझौता में 1948 में हुई सहमति को पुनः लागु किया जाना चाहिए। इसी प्रकार रेल परिवहन को सर्वसुलभ बनाने के लिए सारे देश में एकल गेज की व्यवस्था युद्ध स्तर पर की जानी चाहिए। हम अटल जी की इन योजनाओं को पुरा करके ही देश को विश्व की महाशक्ति बना सकते है।

मुझे आज पुर्वाह्न अटल जी के निवास पर जाकर जन्मदिवस पर उन्हे बधाई देने का अवसर मिला। ईश्वर उन्हें दीर्घायु एवं स्वस्थ जीवन प्रदान करें। अटल जी ने वैचारिक प्रतिबद्धता, असीम संकल्प शक्ति एवं सतत कार्यरत् रहकर एक सामान्य परिवार में जन्म लेकर भी सत्ता के शिखर को छुआ था। उनका जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा का स्त्रोत है।

Monday, December 24, 2012

सरकार का दमनकारी चेहरा आया सामने


सरकार का दमनकारी चेहरा आया सामने

दिल्ली में सरकार का तानाशाही चेहरा प्रकट हो गया है। शांति के नाम पर निर्दोष प्रदर्शनकारियों, समाचार कर्मियों एवं महिलाओं को जम कर पीटा गया। कड़कड़ाती सर्दी में ठण्डे पानी की तेज बौछारें की गई। अश्रुगेस के गोले दागे गए।

सरकार नें ठुकराए भाजपा के सुझाव
भाजपा के सरकार को विशेष सत्र बुला कर यौन दुष्कर्म के गंभीर अपराधों में मृत्युदण्ड का प्रावधान करने, राजधानी में जन विश्वास जागृत करने के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने और पुलिस व्यवस्था में संयम रखने के सझावों को केन्द्र सरकार ने ठुकरा दिया है। भाजपा राष्ट्रपति से मिल कर जन आक्रोश पर विशेष सत्र की मांग करेगी।

जनता की आवाज कुचली जा रही है
काग्रेंस नीत केन्द्र सरकार जनता की आवाज दबाने का कुप्रयास कर रही है। गृहमंत्री छात्रों की तुलना माओवादियों से कर रहे है। जनता के प्रदर्शन करने के अधिकार कुचले जा रहे है। सरकार नें मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए है। आवागमन बाधित कर दिया गया है। बाबा रामदेव और अन्ना हजारे के आंदोलनों को भी इस प्रकार कुचला गया था। आधी रात को सोए हुए निर्दोष नागरिकों की बर्बर पिटाई की गई थी।

प्रधानमंत्री की कथनी और करनी में अतंर
प्रधानमंत्री ने अपना संदेश देने में 7 से अधिक दिन लगाए। प्रधानमंत्री कह रहे हैं कि वे दुःखी है। जन आक्रोश को सही मानते है। तो फिर जनता पर लाठियाँ क्यों भांजी गई। दिल्ली पुलिस के दोषी अधिकारियों पर कोई कारवाई क्यों नहीं की जा रही है। हिंसा का ताण्डव पुलिस ने ही प्रारम्भ किया था।

अपराध न्याय व्यवस्था में हो त्वरित सुधार
सरकार देश की अपराध न्याय व्यवस्था में त्वरित सुधार करें। अपराधियों में विधि का भय ही समाप्त हो गया है। अनुसंधान में कमी, न्यायालयों में विलम्ब और पीड़ित पक्ष की उपेक्षा के कारण अपराधों में भारी वृद्दि हो रही है। अपराधिक न्याय व्यवस्था में समग्र सुधार का समय निकलता जा रहा है।