Monday, October 3, 2011

असत्य पर सत्य की विजय का पर्व


असत्य पर सत्य की विजय का पर्व
दशहरा असत्य पर सत्य की, अनाचार पर सदाचार की और आसुरी वृतियों पर देव वृतियों की विजय का पर्व है।
सासंदों के वोटो के लिए नोट कांड में जिन्हौंनें इस सारे घृणित अभियान को प्रकट करने का साहस दिखाया, वे कारागार में बंदी है। और जो इस षडयंत्र के सूत्रधार हैं, वो सत्ता का भोग कर रहे हैं। केन्द्रीय जांच ब्युरों कह रहा है कि इस घृणित खेल में कांग्रेस सरकार को लाभ नहीं हुआ है। न्यायाधीश इस प्रकरण में जमानत के अधिकार की अवहेलना कर रहे हैं। भ्रष्टाचार के विरूद्ध संघर्ष में आने वाली कठिनाइयों की झलक इस प्रकरण में साफ दिख रही है।

सनातन धर्म का अमर संदेश है कि चाहे कितनी ही बाधाएं आए, अन्ततः विजय सत्य की, सदाचार की और न्याय की ही होती है।

बाधाओं में रूकना नहीं;
प्रलोभनों में झुकना नहीं;
निंदाओं से विचलित नहीं होना,
सत्य पथ पर आगे बढ़ते रहना।
श्री और विजय का मिलेगा सुफल,
यह गीता और रामायण का संदेश शाश्वत।।

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