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Tuesday, April 22, 2014

टाफी चाकलेट की कहानियों से नहीं चलता है देश

धोलपुर लोकसभा क्षेत्र के करौली में 
एक विशाल मार्ग संचलन का आयोजन
टाफी चाकलेट की कहानियों से नहीं चलता है देश 

कांग्रेस टाफी चाकलेट की कहानियों से देश को भ्रमित करने का प्रयास कर रही है। किन्तु देश इन कहानियों से नहीं चलता है। नरेन्द्र मोदी भारतवासियों की आशाओं के केन्द्र बन कर उभरे हैं। मोदी के नाम से ही भारत को नीचा दिखाने वालों में भय व्याप्त हो जाता है।

भाजपा नेतृत्व देश के सामने अर्थ नीति, विदेश नीति, रोजगार सृजन, संरचना विकास, महंगाई पर नियंत्रण, भ्रष्टाचार पर अंकुश जैसे विषयों पर अपने विचार रख रहे हैं। वहीं राहुल भैय्या टाफी चाकलेट से ही उपर नहीं उठ पा रहे हैं। कांग्रेस में हताशा इतनी ज्यादा है कि प्रधानमंत्री चुनावों में प्रचार करने के स्थान पर अपना घर बदलने में व्यस्त है। 

कांग्रेस के कुशासन और भ्रष्टाचार के कारण देश आज विनाश के कगार पर पहुँच गया है। अभी जाति, पंथ और क्षेत्रियता पर सोचने का समय नहीं है। देश को बचाने के लिए कांग्रेस की विदाई आवश्यक है। कांग्रेस मुक्त भारत के लिए सभी समाज एकनिष्ठ होकर अग्रणी भूमिका  निभाए। 

Tuesday, January 28, 2014

कांग्रेस 84 के दंगों की दोषी है

कांग्रेस 84 के दंगों की दोषी है
1984 में सिक्खों के विरुद्ध देश भर में हुई व्यापक हिंसा के लिए कांग्रेस दोषी है। तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी और उनकी सरकार नें हिंसा रोकने के लिए त्वरित प्रयास नहीं किए थे। विभाजन के बाद ये देश की सबसे बड़े दंगे थे।

राहुल गांधी दंगो एवं भ्रष्टाचार पर देश को भ्रमित कर रहे हैं। उनके प्रथम टीवी साक्षात्कार में निराशा और हताशा स्पष्ट दिख रही थी। नरेन्द्र मोदी देश में सुशासन, विकास और भारत की विदेशों में दृढ़ एवं स्वाभिमानी छवि के आधार पर समर्थन मांग रहे हैं। जबकि कांग्रेस के युवराज साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण के आधार अपनी नैया पार लगाना चाह रहे हैं।


भाजपा एक व्यक्ति की सेना नहीं है। भाजपा में सामुहिक निर्णय, कार्यकर्ताओं की भागीदारी और सबको आगे आने का अवसर सामान्य प्रथा है। कांग्रेस अवश्य ही एक परिवार की जागीर बन कर रह गई है। विगत 10 वर्षों में कांग्रेस नें क्या किया, इस पर चुप्पी और भविष्य के लिए वादों से देश को भ्रमित नहीं किया जा सकता है। देश का भविष्य कांग्रेस के हाथों में सुरक्षित नहीं है। राहुल गांधी नें देश के निर्माण पर कोई स्पष्ट सोच नहीं दिखाई है। 

Saturday, November 9, 2013

कांग्रेस नें बिगाड़ा देश का इतिहास व भूगोल

कांग्रेस नें बिगाड़ा देश का इतिहास व भूगोल
भारत के इतिहास और भूगोल के साथ कांग्रेस नें खिलवाड़ किया है। 1947 में स्वतंत्रता के साथ ही भारत का विभाजन कांग्रेस की सत्ता लोलुपता और कायर नीतियों का परिणाम थी। 1962 में चीन नें भारत की हजारों किं.मी. भूमि पर कब्जा कर लिया। 1971 के युद्ध में भारत की ऐतिहासिक विजय हुई थी। किन्तु भारत की पश्चिमी सीमा पर पाकिस्तान का छम्ब सेक्टर में किए गए छोटे से कब्जे को शांति के नाम पर स्वीकार कर लिया गया था। 1992 से 1997 के कार्यकाल में समझोते के नाम पर बांगलादेश को भारतीय भूभाग दे दिया गया।
देश के स्वर्णिम इतिहास के प्रति कांग्रेस के खिलवाड़ पर तो हजारों पृष्ट लिखे जा सकते हैं। इनके लिए राम एक काल्पनिक पात्र है। समुद्र सेतु का अस्तित्व नहीं है। महाराणा प्रताप और वीर शिवाजी महानायक नहीं विद्रोही मात्र थे। देश की आजादी पर केवल कांग्रेस के एक परिवार का ही अधिकार है।
आज देश कांग्रेस से भ्रष्टाचार, महंगाई, अवरुद्ध विकास, रोजगार में कमी, आतंकवाद, सीमा पर मंडराते खतरे पर जवाब मांग रहा है। कांग्रेस के बड़बोले नेताओं के साथ ही अखण्ड मोन व्रती भी इतिहास और भुगोल की चर्चा में यक्ष प्रश्नों को गोल कर रहे हैं। नरेन्द्र मोदी विकास और सुशासन की राजनीति को मुख्य धारा में लाना चाहते हैं। किन्तु कांग्रेस के नेता साम्प्रदायिकता और वैमनस्य की राजनीति को छोड़ना ही नहीं चाहते हैं।
रुपये का मूल्य आर्थिक स्थिति की तस्वीर दिखाता है। अटल जी की सरकार के समय 40 रुपयों में एक डालर आता था। आज एक डालर का भाव 62 रुपया है।

कांग्रेस मुक्त भारत, विश्व शक्ति भारत

Friday, December 21, 2012

जनता का काग्रेंस से मोहभंग





जनता का काग्रेंस से मोहभंग



गुजरात में भाजपा की ऐतिहासिक विजय विकास एवं राष्ट्रवादी चिंतन के प्रति जन समर्थन की अभिव्यक्ति है। जनता का काग्रेंस से मोहभंग हो गया है। अब देश काग्रेंस की साम्प्रदायिक एवं जातिवादी नीतियों को सहने को तैयार नहींहै। नरेन्द्र भाई मोदी के नेतृत्व में गुजरात के विश्वास से सुशासन और विकास राजनीति के केन्द्र में आऐंगे।

भारी दुष्प्रचार, अपार संसाधनों का उपयोग, सरकारी अधिकरणों का खुला दुरुपयोग भी काग्रेंस को गुजरात में सफल नहीं बना सका। हिमाचल प्रदेश में भी काग्रेंस दुष्प्रचार एवं अपार संसाधनों के कारण जनता में भ्रम उत्पन्न करनें में सफल रही। कुशासन, अदूरदर्शिता एवं दिशाहीन नेतृत्व के कारण ही राजस्थान कांग्रेस के शासनकाल में विकास के सभी मानदण्डों में पिछड़ गया है। अब जनता यहाँ पर भी कांग्रेस को सबक सिखाने को आतुर है। सारे देश में कांग्रेस कुशासन, भ्रष्टाचार और जन विरोधी नीतियों का पर्याय बन गई है।