Showing posts with label Congress. Show all posts
Showing posts with label Congress. Show all posts

Tuesday, April 29, 2014

कश्मीर सौंपने की तैयारी थी

पाकिस्तान को कश्मीर सौंपने की तैयारी थी
मनमोहन सोनिया सरकार की
विशाखापत्तनम में सैन्यकर्मियों की सभा एवं हिन्दी भाषियों के विशाल सम्मेलन को संबोधन 

मनमोहन सोनिया सरकार नें पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति के साथ कश्मीर पर गुप्त वार्ताओं का एक लम्बा अभियान चलाया था। इन वार्ताओं की कोई भी सूचना मंत्रीमण्डल की रक्षा एवं राजनीतिक  मंत्रणा समिति को भी नहीं दी गई थी। दूर्बल एवं कायर मानसिकता से ग्रस्त नेतृत्व नें कश्मीर को पाकिस्तान को सौंपने की तैयारी कर ली थी। पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति के अपदस्थ हो जाने के कारण ही यह वार्ता किसी परिणाम नहीं पहुंच पाई। कांग्रेस को इन गुप्त वार्ताओं के बारे में देश को वस्तुस्थिति से अवगत करवाना चाहिए।

देश में समृद्धि और विदेशों में प्रतिष्ठा दोनों को कांग्रेस नें रसातल में पहुंचा दिया है। तेंलागना प्रकरण में कांग्रेस नें भाईयों को आपस में लड़वा दिया। विद्वेष की राजनीति से ही कांग्रेस को सत्ता की उर्जा मिलती है। प्रतिपक्ष के नेताओं का चरित्र हनन एवं केन्द्रीय जांच अधिकरणों का दुरुपयोग कांग्रेस की परम्परा रही है। कांग्रेस को दिया गया वोट बेलगाम महंगाई, अंतहीन भ्रष्टाचार और बेकारी में भारी वृद्धि को वोट देना है। देश को पतन की ओर ले जाने वाली कांग्रेस से भारत की मुक्ति के लिए यह चुनाव महत्वपूर्ण है। सुनहरे भविष्य के लिए भाजपा को विजयी बनाएं।

(सभाओं को ले. जनरल डॉ. मलिक, लोकसभा प्रत्याशी डॉ. हरिबाबु, भाषा प्रकोष्ठ के शिशिर रेड़्डी, रामगोपाल नायडु, महालक्ष्मी, विधायक प्रत्याशियों सहित कई वरिष्ठ जनों नें संबोधित किया था। इससे पूर्व किरण नें 2 दिनों में हैदराबाद और विजयवाड़ा में हिन्दी भाषियों के वृहद सम्मेलनों में भाग लिया और भाजपा के पक्ष में गहन प्रचार किया । )

Tuesday, April 22, 2014

टाफी चाकलेट की कहानियों से नहीं चलता है देश

धोलपुर लोकसभा क्षेत्र के करौली में 
एक विशाल मार्ग संचलन का आयोजन
टाफी चाकलेट की कहानियों से नहीं चलता है देश 

कांग्रेस टाफी चाकलेट की कहानियों से देश को भ्रमित करने का प्रयास कर रही है। किन्तु देश इन कहानियों से नहीं चलता है। नरेन्द्र मोदी भारतवासियों की आशाओं के केन्द्र बन कर उभरे हैं। मोदी के नाम से ही भारत को नीचा दिखाने वालों में भय व्याप्त हो जाता है।

भाजपा नेतृत्व देश के सामने अर्थ नीति, विदेश नीति, रोजगार सृजन, संरचना विकास, महंगाई पर नियंत्रण, भ्रष्टाचार पर अंकुश जैसे विषयों पर अपने विचार रख रहे हैं। वहीं राहुल भैय्या टाफी चाकलेट से ही उपर नहीं उठ पा रहे हैं। कांग्रेस में हताशा इतनी ज्यादा है कि प्रधानमंत्री चुनावों में प्रचार करने के स्थान पर अपना घर बदलने में व्यस्त है। 

कांग्रेस के कुशासन और भ्रष्टाचार के कारण देश आज विनाश के कगार पर पहुँच गया है। अभी जाति, पंथ और क्षेत्रियता पर सोचने का समय नहीं है। देश को बचाने के लिए कांग्रेस की विदाई आवश्यक है। कांग्रेस मुक्त भारत के लिए सभी समाज एकनिष्ठ होकर अग्रणी भूमिका  निभाए। 

Friday, April 11, 2014

कांग्रेस की कथनी और करनी में है भारी अंतर

11 अप्रेल, 2014
कांग्रेस की कथनी और करनी में है भारी अंतर
सावरकर स्मृति में मोदी क्यों विषय पर उद्बोधन

कांग्रेस की कथनी और करनी में भारी अंतर है। नरेन्द्र मोदी की दिन प्रतिदिन बढ़ रही लोकप्रियता से घबराकर कांग्रेस व्यक्ति पूजा एवं वरिष्ठ नेताओं की अनदेखी का आरोप भाजपा पर लगा रही है। किन्तु कांग्रेस के घोषणा पत्र में जनता से किए गए सभी लोकलुभावन वादें नेहरु, इंदिरा एवं राजीव गांधी के नाम पर बनाई योजनाओं के अन्तर्गत किए गए हैं। इंदिरा भारत और भारत इंदिरा है का नारा लगाने वाली पार्टी द्वारा व्यक्ति पूजा के विरोध में उपदेश पाखण्ड का चरम है।

कांग्रेस की आर्थिक नीतियाँ लूटखसोट के दर्शन पर आधरित है। विदेशों में जमा काला धन वापस लाने के प्रयासों के कांग्रेसी विरोध के मूल में क्या है? कांग्रेस के लिए पंथ निरपेक्षता का अर्थ मुस्लिम तुष्टिकरण के निर्लज्ज प्रयास और देश विरोधी शक्तियों का संरक्षण है। दंगों एवं धार्मिक विद्वेष का सर्वाधिक लाभ कांग्रेस नें उठाया है। 

नरेन्द्र मोदी देश को सशक्त और समृद्ध बनाने का मानचित्र देश के सामने रख रहे हैं। कांग्रेस के शहजादे और नेताओं की एकमात्र चिन्ता नरेन्द्र मोदी के विवाह की है। देश और समाज के लिए अपने परिवार का त्याग करनें की हमारी एक दीर्घ परम्परा है। किन्तु कांग्रेस तो एक अंग्रेज द्वारा स्थापित की गई विदेशों के प्रति मानसिक दासता से ग्रस्त दल है। 

अटल बिहारी वाजपेयी का सर्वाधिक मुखर विरोध करने वाली कांग्रेस को अब उनमें दैवीय गुण दिखने लगे हैं। देश में आपातकाल में तानाशाही और दमन का क्रुर चक्र चलाने वाली कांग्रेस जब मोदी को राजधर्म की सीख देती है तो इनकी मानसिक रुग्णता पर हंसी आती है।

देश को भारत विरोधी शक्तियों को मुँहतोड़ उत्तर देने वाले और विकास का नया मार्ग दिखाने वाले नेतृत्व की आवश्यकता है। भारत के युवाओं के सपने पुरे करने वाले नेतृत्व की आवश्यकता है। इसीलिए जरुरी है मोदी की सरकार।

Friday, April 4, 2014

स्वाभिमान, सुशासन और विकास का कोई विकल्प नहीं 

कांग्रेस के लिए पंथनिरपेक्षता कट्टरपंथियों का घोर तुष्टिकरण मात्र है। स्वाभिमान, सुशासन और विकास का कोई विकल्प नहीं है।  भाजपा के प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी नरेन्द्र मोदी इन्हीं सुत्रों के प्रतीक पुरुष बन कर उभरें हैं। जबकी कांग्रेस आज भी अपने कुकृत्यों का लेखा देने को तैयार नहीं हैं।


कांग्रेस पराजय की मनोव्यथा से ग्रसित है। उसके बड़े नेता चुनावों का सामना करने को तैयार नहीं हैं। कांग्रेस के प्रत्याशी और सांसद पार्टी छोड़ कर भाग रहे हैं। कांग्रेस सरकार संरक्षित और राज्य द्वारा अनुदानित साम्प्रदायिकता को फैला कर देश को दुर्बल बनाने का काम करती रही है। जबकि भाजपा नें सदैव सुशासन, सुरक्षा और विकास के आधार पर जन समर्थन मांगा है।

देश का हालात बदलने के लिए मतदान का सही उपयोग करें। भाजपा को विजयी और नरेन्द्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाएं । 

Friday, March 14, 2014

लोकसभा चुनावों में गांधी राजवंश का अंत होना निश्चित

लोकसभा चुनावों में गांधी राजवंश 
का अंत होना निश्चित 


देश में नरेन्द्र मोदी विकास के पर्याय बन गए है। लोकसभा चुनावों में गांधी राजवंश का अंत होना निश्चित है। देश अब विकास और जनकल्याण की राजनीति पर आगे बढ़ रहा है।


सभी चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों से एक स्पष्ट संदेश मिल रहा है। देश में मोदी लहर चल रही है और भाजपा स्पष्ठ  बहुमत की ओर तेजी से बढ़ रही है। 2014 के लोकसभा चुनाव देश के राजनीतिक एवं आर्थिक परिदृश्य को सदा सदा के लिए बदल देंगे।

भाजपा का मत प्रतिशत 35 के उपर होगा जबकि कांग्रेस का मत प्रतिशत 20 से भी कम होगा। कांग्रेस स्वतंत्र भारत की सबसे बड़ी पराजय का सामना करेगी। राग को 300 से अधिक स्थानों पर विजय मिलेगी ।

जनता भाजपा में एक नया और सुखद भविष्य का चित्र देख रही है। तिव्र विकास, अवसरो की समानता , संघीय ढांचे का सम्मान एवं सशक्त नेतृत्व में जनता अपना भविष्य खोज रही है।

Friday, February 28, 2014

कांग्रेस ने देश को बर्बाद किया


नरेन्द्र मोदी का गुलबर्गा में महा जनसिंधु को उद्बोधन 28-02-2014

कांग्रेस की बर्बादी इसलिए हुई क्योंकि इन्होंने देश को बर्बाद किया। कांग्रेस अपने पापों के कारण अब मिटने वाली है। देश की जनता बराबर समझ चुकी है कि हमारी मुसीबतों का कारण कोई सरकार नहीं है, सरकार में बैठी कांग्रेस है। कांग्रेस को अपने 10 साल के काम का हिसाब देना चाहिए

कांग्रेस का अहंकार सातवे आसमान पर है। ये लोग देश की जनता को जवाब देना अपना दायित्व नहीं मानते हैं। कांग्रेस के वादों पर भरोसा मत करना। उनकी नीयत पर भी भरोसा मत करना। मेरी पत्रकार मित्रों से भी प्रार्थना है। 2004 में कांग्रेस ने क्या वादे किए थे, उनके मेनिफेस्टो में क्या वादे थे और क्या वादे पूरे किए गए, जवाब मांगने चाहिए।

कोई भी कांग्रेसी नेता आपके पास आता है तो जवाब मांगना। कहा था 100 दिन में महंगाई कम कर देंगे। क्या वादा निभाया। इन्होंने वादाखिलाफी की। जिन्होंने वादा नहीं निभाया, उनको आप निभाना चाहते हो। जो जनता की पीठ पर छुरी घोंपते है, ऐसे लोगों पर भरोसा मत करना।

वह 10 नंबरी गांधी, 10 जनपथ में रहते हैं इसलिए 10 नंबरी गांधी कह रहा हूं। 10 नंबरी गांधी ने आंध्र का क्या हाल कर दिया। तेलंगाना का भला हो, सीमांध्र का भला हो, यह हम भी चाहते हैं। लेकिन कांग्रेस कैसी डॉक्टर है जो बच्चों को तो जन्म देने दे, लेकिन मां को मार दे। हम मां को भी बचाना चाहते थे, बच्चे को भी। हम होनहार बच्चे को जन्म देना चाहते थे। कांग्रेस के कारण तेलंगाना नहीं बना है। जिन लोगों ने शहादत दी, उन सभी शहीदों को नमन करता हूं। कांग्रेस को सीमांध्र से राजनैतिक लाभ नहीं मिलेगा, इसलिए उसको अनाथ छोड़ दिया।

देश ने 60 सालों तक कांग्रेस को झेला। 60 सालों में देश कहां का कहां पहुंच जाता है। देश के न्यायवीर फली नरीमन ने इस्तीफा दे दिया। चुनाव करीब है और फिर भी कांग्रेस बाज़ नहीं आ रही है।

नौजवानों भाइयों, आपके पिता जैसी ज़िंदगी गुज़ारी है, आपकी मां ने जैसे कष्ट झेले, क्या आप ऐसे कष्ट झेलना चाहते हैं। क्या कांग्रेस आपका भला कर सकती है। अगर नहीं तो उसकी ज़रूरत क्या है। बोझ बन गई है कांग्रेस। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि मैं एक पल भी अपने लिए उपयोग नहीं करूंगा। मैं देश को पाई-पाई का हिसाब दूंगा।

Saturday, February 1, 2014

देश में चल रही मोदी की आंधी; भाजपा जितेगी 300 से अधिक स्थान

देश में चल रही मोदी की आंधी; भाजपा जितेगी 300 से अधिक स्थान

कांग्रेस नेताओं में राहुल गांधी के टीवी साक्षात्कार के बाद भारी निराशा छा गई है। 25 कांग्रेसी सांसदों एवं एक केन्द्रीय मंत्री के अनुसार इस साक्षात्कार से कांग्रेस को 10 से अधिक सीटों की हानि हुई है। कांग्रेस का विज्ञापन अभियान भी नये विवादों में गिरता जा रहा है। कांग्रेस की युवा प्रचारक पर भ्रष्टाचार के आरोपों और उसके कांग्रेस संगठन की पदाधिकारी होने के समाचारों से पार्टी का अभियान पटरी से उतर गया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस के नेताओं के वक्तव्यों नें रही सही कमी पूरी कर दी।

उत्तरप्रदेश में विगत 15 वर्षों से अराजकता, जातीय संघर्ष और वोटबैंक की राजनीति के कारण विकास पूर्ण अवरुद्ध हो गया है। आज सारा उत्तरप्रदेश मोदी के नेतृत्व में आशा की नई किरण देख रहा है। वहाँ भाजपा के मत 11 प्रतिशत से बढ़ कर 40 प्रतिशत होने की पुरी संभावना है। चतुष्कोणीय संघर्ष में यह मत प्रतिशत राजस्थान और मध्यप्रदेश के समान भाजपा की झोली भर देगा। उत्तर प्रदेश में नरेन्द्र भाई मोदी की रैलियों को मिल रहा अपार जन समर्थन आने वाले कल का संकेत है।

मोदी के रथ को रोकने के लिए कांग्रेस आम आदमी पार्टी को भरपुर सहायता देगी। विरोधी मतों को बांटने की उसकी यह सनातन चाल रही है। किन्तु जनता परिपक्व है। मोदी सतत अभियान चला कर जनता के साथ सीधा संवाद कर रहे हैं। आम आदमी पार्टी विदेशी शक्तियों के भारत में अराजकता फैलाकर दुर्बल बनाने की कार्यसूची पर ही चल रही है। इससे कांग्रेस एवं तथाकथित धर्म निरपेक्ष समूह का स्वार्थ पुरा होता है।

आज पुरा भारत नरेन्द्र मोदी में विकास की असीम संभावनाएं देख रहा है। उन्हौंने अपनी उपलब्धियों एवं कार्यों से देश के सामनें एक नया प्रादर्श रखा है। सुषमा स्वराज, अरुण जेटली, वैंकया नायडु एवं पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह सहित सभी वरिष्ठ नेता भाजपा के अभियान को तीक्ष्ण धार दे रहे हैं। आडवाणी के अनुभव एवं कौशल का भी पुरा लाभ पार्टी को मिल रहा है। जनता कांग्रेस के भ्रष्टाचार, महंगाई और कुशासन से बुरी तरह त्रस्त है। वह अन्य दलों की अराजकता, जातीवादी राजनीति एवं विकास की उपेक्षा से खिन्न है।


नरेन्द्र मोदी में देश को नये क्षितिज पर ले जाने की दुरदृष्टि और आत्मविश्वास है। देश की जनता लोकसभा चुनावों में राजनीतिक दलों को कड़ा सबक सिखायेगी ।जनमानस में प्रतिदिन मोदी का आकर्षण बढ़ता जा रहा है। विकास, सुशासन, सुरक्षा एवं दृढ़ता जनता की आकांक्षा बन गई है। मोदी का अभियान मानों जनता नें अपने हाथों में ले लिया है।

Tuesday, January 28, 2014

कांग्रेस 84 के दंगों की दोषी है

कांग्रेस 84 के दंगों की दोषी है
1984 में सिक्खों के विरुद्ध देश भर में हुई व्यापक हिंसा के लिए कांग्रेस दोषी है। तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी और उनकी सरकार नें हिंसा रोकने के लिए त्वरित प्रयास नहीं किए थे। विभाजन के बाद ये देश की सबसे बड़े दंगे थे।

राहुल गांधी दंगो एवं भ्रष्टाचार पर देश को भ्रमित कर रहे हैं। उनके प्रथम टीवी साक्षात्कार में निराशा और हताशा स्पष्ट दिख रही थी। नरेन्द्र मोदी देश में सुशासन, विकास और भारत की विदेशों में दृढ़ एवं स्वाभिमानी छवि के आधार पर समर्थन मांग रहे हैं। जबकि कांग्रेस के युवराज साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण के आधार अपनी नैया पार लगाना चाह रहे हैं।


भाजपा एक व्यक्ति की सेना नहीं है। भाजपा में सामुहिक निर्णय, कार्यकर्ताओं की भागीदारी और सबको आगे आने का अवसर सामान्य प्रथा है। कांग्रेस अवश्य ही एक परिवार की जागीर बन कर रह गई है। विगत 10 वर्षों में कांग्रेस नें क्या किया, इस पर चुप्पी और भविष्य के लिए वादों से देश को भ्रमित नहीं किया जा सकता है। देश का भविष्य कांग्रेस के हाथों में सुरक्षित नहीं है। राहुल गांधी नें देश के निर्माण पर कोई स्पष्ट सोच नहीं दिखाई है। 

Tuesday, January 21, 2014

केजरीवाल नें किया महिलाओं का अपमान


केजरीवाल नें किया महिलाओं का अपमान
केजरीवाल नें नई दिल्ली में पत्रकारों को संबोधित करते हुए सामुहिक दुष्कर्म पर जो टिप्पणी की, वह अति निंदनीय है। यह उनकी महिलाओं के प्रति घटिया सोच को दिखाती है। यह महिलाओं का अपमान है।

केजरीवाल की टिप्पणी पर कांग्रेस के महिला नेताओं की चुप्पी दोनों पार्टियों में किसी गुढ़ समझौते् का स्पष्ट संकेत है। सारा देश जानता है कि किस प्रकार कांग्रेस की महिला नेताओं नें नरेन्द्र मोदी के विरुद्ध तथ्यहीन आरोपों पर मोर्चा खोला था। केजरीवाल नें धारा 144 का उल्लघंन किया, आवागमन को बाधित किया और पुलिस कर्मियों को विद्रोह के लिए भड़काया। किन्तु उनके और उनके साथियों के विरुद्ध दिल्ली पुलिस नें कोई प्रकरण नहीं बनाया। इसी पुलिस नें मेरे और भाजपा महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं के विरुद्ध महिला आरक्षण की मांग को लेकर किए गए शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर पानी की बोछारें चलाई और राजकार्य में बाधा का प्रकरण बनाया।


कांग्रेस देश का ध्यान कुशासन, भ्रष्टाचार और महंगाई से हटाना चाहती है। इसीलिए आम पार्टी को आगे करके धरने की नोटंकी करवा रही है। इस धरने को प्रारम्भ करने से लेकर समाप्त करने तक का आलेख कांग्रेस पार्टी पहले ही लिख चुकी थी। पहले निलम्बन, फिर स्थानान्तरण और अंत में अवकाश पर समझौता एक सुविचारित नाटक की पटकथा ही है। 

Saturday, November 9, 2013

कांग्रेस नें बिगाड़ा देश का इतिहास व भूगोल

कांग्रेस नें बिगाड़ा देश का इतिहास व भूगोल
भारत के इतिहास और भूगोल के साथ कांग्रेस नें खिलवाड़ किया है। 1947 में स्वतंत्रता के साथ ही भारत का विभाजन कांग्रेस की सत्ता लोलुपता और कायर नीतियों का परिणाम थी। 1962 में चीन नें भारत की हजारों किं.मी. भूमि पर कब्जा कर लिया। 1971 के युद्ध में भारत की ऐतिहासिक विजय हुई थी। किन्तु भारत की पश्चिमी सीमा पर पाकिस्तान का छम्ब सेक्टर में किए गए छोटे से कब्जे को शांति के नाम पर स्वीकार कर लिया गया था। 1992 से 1997 के कार्यकाल में समझोते के नाम पर बांगलादेश को भारतीय भूभाग दे दिया गया।
देश के स्वर्णिम इतिहास के प्रति कांग्रेस के खिलवाड़ पर तो हजारों पृष्ट लिखे जा सकते हैं। इनके लिए राम एक काल्पनिक पात्र है। समुद्र सेतु का अस्तित्व नहीं है। महाराणा प्रताप और वीर शिवाजी महानायक नहीं विद्रोही मात्र थे। देश की आजादी पर केवल कांग्रेस के एक परिवार का ही अधिकार है।
आज देश कांग्रेस से भ्रष्टाचार, महंगाई, अवरुद्ध विकास, रोजगार में कमी, आतंकवाद, सीमा पर मंडराते खतरे पर जवाब मांग रहा है। कांग्रेस के बड़बोले नेताओं के साथ ही अखण्ड मोन व्रती भी इतिहास और भुगोल की चर्चा में यक्ष प्रश्नों को गोल कर रहे हैं। नरेन्द्र मोदी विकास और सुशासन की राजनीति को मुख्य धारा में लाना चाहते हैं। किन्तु कांग्रेस के नेता साम्प्रदायिकता और वैमनस्य की राजनीति को छोड़ना ही नहीं चाहते हैं।
रुपये का मूल्य आर्थिक स्थिति की तस्वीर दिखाता है। अटल जी की सरकार के समय 40 रुपयों में एक डालर आता था। आज एक डालर का भाव 62 रुपया है।

कांग्रेस मुक्त भारत, विश्व शक्ति भारत

Monday, November 4, 2013

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रहार


अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रहार

मतदान पूर्व और पश्चात सर्वेक्षण लोकतांत्रिक देशों में व्यापक रुप से प्रचलित है। यह जन भावनाओं का आकलन करने की सांख्यकि विधि पर आधारित है। निर्वाचन आयोग में कांग्रेस समर्थित अधिकारियों की भरमार है। इसलिए इस बार निर्वाचन आयोग प्रचार प्रसार के कार्यों को बाधित करने का हर संभव उपाय कर रहा है।

सर्वेक्षणो पर रोक लगाने का सुझाव जनता की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मौलिक अधिकारों का हनन है। यह जनता के विवेक और निर्णय लेने की क्षमता का भी सरासर अपमान है। चुनाव आयोग जनता को अपनी पंसद के प्रत्याशी अथवा दल का प्रचार करने से रोकने के लिए आदर्श आचार संहिता के नाम पर मनमानी कर रहा है। वह कैसा लोकतंत्र होगा, जिसमें नागरिकों को अपने पसंद की विचारधार, प्रत्याशी अथवा दल का प्रचार करने का अधिकार नहीं होगा?

कांग्रेस पार्टी सदैव अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को एक बड़ी बाधा मानती रही है। 1975 का आपातकाल, राजीव गांधी द्वारा समाचार प्रकाशन पर अंकुश लगाने का प्रयास और अभी सर्वेक्षणों पर रोक लगाने का समर्थन कांग्रेस के लोकतंत्र विरोधी दृष्टिकोण के उदाहरण है।


कांग्रेस विरोधी जनमत से घबरायी कांग्रेस चुनाव सर्वेक्षणों पर रोक लगा कर चुनावी वैतरणी पार करना चाहती है। 

Thursday, September 26, 2013

पाकिस्तान से वार्ता शहीदों का अपमान

पाकिस्तान से वार्ता शहीदों का अपमान

पाकिस्तान भारत के विरुद्ध छद्म युद्ध कर रहा है। वहाँ का सत्ता एवं सैन्य प्रतिष्ठान आतंकवादियों को प्रत्यक्ष समर्थन एवं सहयोग दे रहा है। 2004 में पाकिस्तान से यह स्पष्ट सहमति बनी थी कि जब तक वहाँ की भूमि का आतंकवाद के लिए उपयोग होगा, कोई वार्ता नहीं होगी।
कांग्रेस सरकार की कायर नीतियों के कारण अब जम्मू आतंकवादियों का बड़ा निशाना बनता जा रहा है। आतंकी घटनाएं पाकिस्तानी सरकार की सुनियोजित व्युहरचना से ही हो रही है। ऐसे समय में पाकिस्तान के साथ वार्ता शहीदों का अपमान होगा। आतंकवाद और वार्ता साथ साथ नहीं चल सकती है। 

Friday, July 5, 2013

भाजपा शासित राज्यों में पहले से ही है खाद्य सुरक्षा

भाजपा शासित राज्यों में पहले से ही है खाद्य सुरक्षा

कांग्रेस खाद्य सुरक्षा अध्यादेश के बहाने जनता को भ्रमित करने का कुप्रयास कर रही है। भाजपा शासित राज्यों में निर्धन परिवारों को 4 वर्ष पूर्व से ही 2रु. किलो गेहूँ दिया जा रहा है। न तो इसके लिए किसी कानून की आवश्यकता पड़ी, नहीं किसी भारी भरकम प्रचार अभियान की। गुजरात और मध्यप्रदेश में तो निर्धन परिवारों को केन्द्रीय अध्यादेश से अधिक सहायता दी जा रही है। भाजपा की नीति जनता को सस्ते खाद्यान्न के साथ ही किसानों को भी लाभदायी मूल्य दिलवाने की है।
अध्यादेश में किसानों को लाभदायी मूल्यों का कोई प्रावधान नहीं है। निर्धन परिवारों को खाद्यान्न के साथ ही दालें भी अनुदानित दरों पर दी जानी चाहिए। कुपोषण एवं भुखमरी के निदान के लिए यह आवश्यक है। शहरों में ऐसे भोजनाल.यों की व्यवस्था होनी चाहिए, जहाँ पर कम दरों पर गुणवत्तायुक्त खाना मिलें। कांग्रेस की नीयत में खोट साफ दिख रही है। 9 वर्षों तक कुम्भकर्णी नींद सोने के बाद अब चुनाव सामने देख कर हड़बड़ी में अध्यादेश लाया गया है। पर इससे निर्धन , मजदूर और किसान को कोई अतिरिक्त लाभ नहीं मिलने वाला है।

केन्द्र सरकार वितरण प्रणाली में भ्रष्टाचार को दूर करने कि दिशा में तो सोच भी नहीं रही है। वितरण व्यवस्था में गड़बड़ी के कारण निर्धनों को पर्याप्त राहत नहीं मिल पाती है।

Monday, May 6, 2013

घोटालों के सरदार है मनमोहन


घोटालों के सरदार है मनमोहन
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की कांग्रेस सरकार नें घोटालों के नए रिकार्ड बनाए हैं। वे सत्ता के लालच में वे घोटालों के सरदार बने हुए हैं। जांच ब्युरों के सर्वोच्च न्यायालय में दिए गए शपथ पत्र के बाद उन्हें पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं रहा है।
कोयले की कालिख से देश को लज्जित किया
मनमोहन सिंह स्वयं कोयला मंत्रालय को देख रहे थे, जब सारे नियमों को धत्ता बताते हुए कोयला खानों के आवंटन में अरबों रुपयों का घोटाला हुआ। जांच प्युरों के प्रतिवेदन को बदलवानें में प्रधानमंत्री कार्यालय की सक्रिय भूमिका और विधि मंत्री की संलिप्तता देश के सामने आ चुकी है। सरकार रेडियो तरंगों के घोटालों में भी दोषियों को बचाने के लिए संसदीय जांच समिति का दुरुपयोग कर रही है। कांग्रेस पार्टी और सरकार नें घोटालों की कालिख से देश को लज्जित किया है।
करोड़ो में हो रहा नियुक्तियों का खेल
कांग्रेस सरकार में नोट लेकर मलाईदार पदों पर नियुक्तियों का खेल पुराना है। रेल मंत्री पवन बंसल का किस्सा इस अंतहीन श्रृंखला की एक नई कड़ी मात्र है। रिश्वतखोरी के इतने स्पष्ट प्रमाणों की अनदेखी करके क्यों बंसल को बचाया जा रहा है? बोफोर्स में जिस लज्जाहीनता से गांधी परिवार और क्वात्रोचि को बचाया गया, क्या वही कहानी फिर से दोहराई जा रही है। रेलमंत्री और विधि मंत्री का पद पर बना रहना देश का अपमान है।
भारत की वैश्विक शक्ति की साख को गंभीर आघात
चीनी घुसपैठ पर भारत सरकार की लाचारी और पाकिस्तान, बांगलादेश, श्री लंका और मालदीव जैसे देशों के प्रति नीति में अस्पष्टता के कारण भारत की वैश्विक महाशक्ति के दावों पर गंभीर आघात लगा है। आज तो भारत एक क्षेत्रीय शक्ति के रुप में भी अपनी साख गवां रहा है। सरकार स्पष्ट करें कि अपनी ही सीमाओं से भारतीय सेना को पीछे हटाने की क्या विवशता है। वियतनाम जैसे छोटे देश नें भी चीन के अहंकार का मुंहतोड़ जवाब दिया था। पाकिस्तान के साथ देशहित विरोधी नीतियों क्यों अपनाई जा रही है।
कांग्रेस सरकार नें शासन की विश्वसनीयता खो दी
यह स्पष्ट है कि कांग्रेस की कायरतापूर्ण नीतियों के कारण भारत की सुरक्षा पर गंभीर खतरे उत्पन्न हो गए हैं। आज विकास अवरुद्ध हो गया है। विदेशों में भारत की साख को बट्टा लग गया है। जनता के धन को खुलेआम लुटा जा रहा है। केन्द्र सरकार भ्रष्टाचार की सबसे बड़ी पोषक बन गई है। केन्द्र की कांग्रेस नीत संप्रग सरकार नें शासन करने की विश्वसनीयता खो दी है। दामादों और भानजों के माध्यम से भ्रष्टाचार के नूतन प्रयोग किए जा रहे हैं। 

Saturday, March 16, 2013

देहिक संबंधो की आयु सीमा घटाने से बढ़ेगी अराजकता



देहिक संबंधो की आयु सीमा घटाने से बढ़ेगी अराजकता
सहमति से यौन संबंधो की आयु सीमा घटा कर 16 वर्ष करने से देश की जनता में भारी रोष है। इससे सामाजिक अराजकता उत्पन्न हो जाएगी। इससे महिलाओं के विरुद्ध अपराधों में भारी वृद्धि होगी। यह बच्चों के जीवन से जुड़ा गंभीर विषय है। विवाह संबंधों की आयु 21 और 18 वर्ष किन्तु देहिक संबंधों की आयु 16 वर्ष करना, यह सही नहीं है। क्या सरकार विवाह से अधिक संबंधों को प्राथमिकता देती है। अविवाहित बच्चियों के संतान होने पर होने वाली समस्याओं के प्रति आंखें बंद नहीं की जा सकती है। बच्चियों के साथ दुष्कर्म करने वाले सहमति को अपने बचाव का शस्त्र बना लेंगे। इससे लड़कियों की शिक्षा और रोजगार की समस्याएं बढ़ जाएगी। लड़कियों को विद्यालय में भेजने के प्रति समाज में वातावरण पर दुष्प्रभाव पड़ेगा। 18 वर्ष तक के व्यक्तियों को किशोर मान कर गंभीर अपराधों में भी सजा में छूट का विशेष कानून है। आयु सीमा घटाने से विधि व्यवस्था बनाए रखने की समस्य़ाएं भी बढ़ेगी।

Friday, March 8, 2013

महिला आरक्षण का वादा पुरा करें सरकार


महिला आरक्षण का वादा पुरा करें सरकार

संप्रग सरकार महिला आरक्षण के विषय में देश को धोखा दे रही है। 2004 और 2009 के चुनावों में कांग्रेस पार्टी नें विधायिका में एक तिहाई महिला आरक्षण का वादा किया था। कांग्रेस इस वादे भूल चुकी है।

भाजपा नें सरकार को महिला आरक्षण पर बिना शर्त समर्थन देनें का विश्वास दिलाया है। कांग्रेस पार्टी में महिला आरक्षण के लिए इच्छा शक्ति ही नहीं हैं। भाजपा एकमात्र ऐसी पार्टी है, जिसने संगठन के सभी स्तरों पर एक तिहाई महिला आरक्षण दे रखा है। सरकार महिला आरक्षण का वादा पुरा करें। महिलाओं के विरुद्ध अपराधों पर प्रभावी अंकुश के लिए कानून बनाने में विलम्ब किया जा रहा है। यह जनभावनाओं की अनदेखी है।

राजस्थान सरकार भी महिला हितों की उपेक्षा कर रही है। सभी संभाग मुख्यालयों पर महिला अपराध प्रकरणों पर विचारण के लिए त्वरित न्यायालय स्थापित करने की घोषणा पर सरकार मौन है। यह सरकार कू संवेदनहीनता है। राज्य में महिलाओं के विरुद्ध अपराधों में भारी वृद्धि हुई है। राजसमंद में बालिका की दुष्कर्म के बाद हत्या के प्रकरण में नियमित सुनवाई नहीं हो रही है। सरकार की शिथिलता के कारण अपराधियों में भय नहीं रहा है।

महिलाओं को आवास, व्यापार एवं उद्योग के लिए ऋणों में 3 प्रतिशत की विशेष छूट दी जाए। महिला करदाताओं को न्युनत्तम करमुक्त आय सीमा में पूर्व की तरह विशेष वर्ग मानते हुए 50000 रु. का लाभ दिया जाए।

Saturday, February 9, 2013

जन दबाव ने विवश किया सरकार को


जन दबाव ने विवश किया सरकार को




संसद पर हमले के अपराधी को मृत्यु दण्ड देना देर से उठाया गया एक उचित कदम है। भारी जन दबाव से विवश सरकार ने अंतत: एक सही निर्णय लिया। कांग्रेस पार्टी मृत्युदण्ड देने में हुए भारी विलम्ब के प्रश्नों से बच नहीं सकती।

गृहमंत्री शिंदे हिन्दू एवं भगवा आतंकवाद और भाजपा व संघ पर आंतकवाद के प्रशिक्षण शिविर चलाने के मिथ्या आरोपों के अपराध से मुक्त नहीं हो सकते है। कांग्रेस पार्टी स्वतंत्रता के बाद से ही आतंकवाद पर राजनीति करती आ रही है। मृत्युदण्ड देने में भारी विलम्ब को विधि प्रक्रिया एवं लोकतंत्र का भाग बताना एक मिथ्या बहाना है। यह तुष्टीकरण के अपराध बोध को दर्शाता है।

आतंकवाद पर त्वरित, प्रभावी एवं शून्य उपेक्षा की नीति राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अत्यावश्यक है।

Tuesday, January 22, 2013

कांग्रेस की है विकृत सोच और देश विरोधी आचरण



कांग्रेस की है विकृत सोच और देश विरोधी आचरण

कांग्रेस पार्टी विकृत सोच एवं राष्ट्र विरोधी आचरण की पहचान बन गई है। हिन्दू धर्म और भगवा के अपमान से कांग्रेस सत्ता का समर जीतने की रणनीति पर चल रही है। इसके चिंतन शिविर में निर्धनों, मजदूरो और किसानों के कल्याण पर कोई चर्चा नहीं हुई है।

देश हिन्दू और भगवा का अपमान नहीं सहन करेगा। भाजपा 24 अथवा 25 जनवरी को देश के सभी जिला मुख्यालयो पर उपवास, धरना और प्रदर्शन कर आतंकवादियों का सम्मान और भगवा का अपमान की आत्मघाती नीति के विरुद्ध आक्रोश व्यक्त करने का आव्हान करती है। मैं स्वयं 24 जनवरी को जयपुर में धरने में सम्मिलित रहुंगी।

गृह मंत्री शिंदे और कांग्रेसी नेता पाकिस्तानी आतंकवादियों में बहुत ही लोकप्रिय हो गए हैं। वहाँ आतंकवाद के प्रति संघर्ष को दुर्बल बनाने के लिए इनके प्रति आभार व्यक्त किया जा रहा है। गृहमंत्री में यदि साहस हो तो वे भाजपा और संघ के विरुद्ध विधिक कार्यवाही करके दिखाए। देश के गृहमंत्री का कार्य तथ्यहीन आरोप लगाना नहीं होता है। उसे तो आतंकवाद का प्रशिक्षण दे रहे तत्वों के विरुद्ध कार्यवाही करनी चाहिए।

गृहमंत्री और अन्य कांग्रेसी नेताओं के हिन्दू एवं भगवा आतंकवाद के वक्तव्य राष्ट्र द्रोह के समान है। विकिलिक्स नें दावा किया है कि सबसे पहले राहुल गांधी नें भगवा आतंकवाद की चर्चा अमेरिकी राजदूत से की थी। अब कांग्रेसी नेताओं में होड़ मची हुई है इस बात पर बढ़ चढ़ कर बोलने और स्वामी भक्ति दर्शाने की।

Friday, January 18, 2013

देश की नहीं, वोटों की चिंता है कांग्रेस को


देश की नहीं, वोटों की चिंता है कांग्रेस को

जयपुर शिविर में कांग्रेस पार्टी सत्ता खोने के भय से चिंतित दिख रही है। कांग्रेस नें पेट्रोल, डीजल, रेल किराया, खाद्य तेलों और रसोई गेस के मूल्य बढ़ा कर जनता की कमर तोड़ दी है। शान्त प्रदर्शनकारियों पर निर्मम बल प्रयोग कर वह जनता से दूर हो चुकी है। कांग्रेस को देश की नहीं वोटों की चिन्ता है। सामान्य नागरिकों का शोषण कांग्रेस की संस्कृति बन गई है।

कांग्रेस नें राजस्थान की सतत उपेक्षा की है। राज्य को जल संकट दुर करने में विशेष सहायता, तेल शोधन संयत्र, रेल पथों का आमान परिवर्तन, उदयपुर में उच्च न्यायालय की खण्डपीठ, केन्द्रीय औद्योगिक परियोजनाएं की स्थापना एवं राज्य की अन्य आवश्यकताओं की सतत उपेक्षा की गई है।

देश में पाकिस्तान के प्रति भारत सरकार के कायरता पूर्ण व्यवहार पर भारी रोष है। पाकिस्तान नें भारतीय जवानों की बर्बरता पूर्ण हत्या, मु्म्बई पर आतंकी हमला और देश में नकली मुद्रा चलाने पर अभी तक कोई सार्थक कदम नहीं उठाया है। कांग्रेस पाकिस्तानी नेताओं से वार्ता के लिए उतावली क्यों है? चिंतन शिविर में देश को इन प्रश्नों का उत्तर चाहिए।

Friday, January 11, 2013

स्वाभिमान और दृढ़ता की उपेक्षा होगी घातक


स्वाभिमान और दृढ़ता की उपेक्षा होगी घातक

कांग्रेस सरकार की विदेश नीति में दुर्बलता और राष्ट्रहितों की अनदेखी से देश की सुरक्षा प्रभावित हो रही है। स्वाभिमान और दृढ़ता की उपेक्षा अत्यंत घातक होगी। स्वामी विवेकानंद की 150वीं जयंती पर कृतज्ञ राष्ट्र उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित करता है। विवेकानंद की वाणी अक्षय ऊर्जा की भण्डार है।

अभय रहने, साहसी बनने और लक्ष्य के प्रति सतत चेष्टा स्वामी विवेकानन्द का सबसे महत्वपूर्ण संदेश है। स्वामी जी ने कहा था कि पवित्रता, दृढ़ता और उद्यमशीलता ये तीनों गुण ही देश को आगे बढ़ा सकते है।

पाकिस्तान द्वारा भारतीय जवानों पर किए गए बर्बर एवं अमानुषिक अत्याचारों पर केन्द्र सरकार की संवेदना शून्य टिप्पणी से भारतीयों में गहरा रोष है। पाकिस्तान एक चरमपंथी, अलोकतांत्रिक एवं असहिष्णु सामाजिक संरचना का देश है। उससे उसी भाषा में बात की जानी चाहिए। पाकिस्तान ने भारतीय जवानों के सिर काट कर देश के स्वाभिमान को चुनौती दी है।